शीत युद्ध में अमेरिका का नेतृत्व करनेवाले राष्ट्रपति जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश का 94 की उम्र में निधन

शीत युद्ध में अमेरिका का नेतृत्व करनेवाले राष्ट्रपति जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश का 94 की उम्र में निधन

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वाशिंगटन: शीत युद्ध के अंत तक अमेरिका को राष्ट्रपति के रूप में संचालित करने वाले और एक राजनीतिक राजवंश का नेतृत्व करने वाले राजनयिक जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश का  शुक्रवार को 94 वर्ष  की उम्र में निधन हो गया। वो( hw bush, george bush, george hw bush, h w bush, जॉर्ज बुश) रक्त में संक्रमण के रोग से ग्रसित थे। शुक्रवार शाम को जॉर्ज बुश सीनियर ने अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके परिवार के प्रवक्ता ने इस दुखद खबर की घोषणा की।

बुश का निधन उनकी पत्नी बारबरा बुश के अप्रैल में मृत्यु के कुछ महीनों बाद हुआ। जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के पिता भी हैं। जॉर्ज डब्ल्यू बुश के प्रवक्ता ने उनका यह बयान ‘ जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश एक सदचरित्र व्यक्ति और सर्वश्रेष्ठ पिता थे’ ट्विटर पर जारी किया।

साल 1988 में राष्ट्रपति चुने जाने से पहले वह संयुक्त राष्ट्र और चीन में अमेरिका के राजदूत भी रह  चुके थे। वे सीआईए के निदेशक भी रहे। 41 वें अमेरिकी राष्ट्रपति एक यथार्थवादी विदेशी नीति वाले राजनेता थे, जिनके कार्यकाल में सोवियत संघ का 1989ई. में बड़े पैमाने पर शांतिपूर्ण पतन हुआ और दो साल बाद इराकी प्रमुख सद्दाम हुसैन को हराने के लिए एक अभूतपूर्व गठबंधन किया।

1992 के चुनाव में सीनियर बुश को बिल क्लिंटन के खिलाफ राष्ट्रपति चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा । इसके बाद वे सक्रीय राजनीति से धीरे धीरे दूर होते चले गए और अपने आप को सामाजिक कार्यों के प्रति समर्पित कर लिय। स्थिरता और अंतर्राष्ट्रीय सर्वसम्मति का उनका पक्ष साथी रिपब्लिकन के उत्तेजक, विस्फोट और वर्तमान व्हाइट हाउस के मुखिया डोनाल्ड ट्रम्प के विपरीत है, जिसे बुश ने 2016 में वोट नहीं दिया था।


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भारत आने वाले 5वें राष्ट्रपति थे। बुश ने साल 2006 में भारत का दौरा किया था। बुश ऐसे वक्त में भारत आए थे, जब 9/11 आतंकी हमले के खिलाफ अमेरिका ने अफगानिस्तान में युद्ध छेड़ा हुआ था।

HindiNews Team

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